
शिमला। परीक्षाओं में एचपीयू की चूक फिर से सामने आई है। स्नातकोत्तर की परीक्षाओं में गलतियों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को एमएमसी चौथे सत्र की परीक्षा में छात्रों को आठ प्रश्नों का प्रश्नपत्र ही बांट दिया। इससे शिमला से लेकर नोएडा केद्र में परीक्षा दे रहा छात्र परेशान रहे। हालांकि, विवि प्रशासन ने गलती का पता लगते ही मूल प्रश्नपत्र की प्रति को निकाल कर आधे घंटे में दो प्रश्नपत्र फोटो स्टेट कर सभी केंद्रों में भिजवा दिए। इससे परीक्षा रद्द करने या अतिरिक्त अंक देने की प्रक्रिया से प्रशासन बच गया। इससे पहले इस सत्र की परीक्षाओं में दो बार बड़ी गलतियां सामने आ चुकी हैं। एक बार तो प्रशासन को हिंदी का पेपर रद्द करना पड़ा और एक बार छह ही प्रश्नों के साथ प्रश्नपत्र छात्रों के बीच में बांटा गया। इन दोनों ही मामलों में प्रशासन ने जांच के बाद पाया कि दोनों मामलों में बड़ी गलती प्रिंटिंग प्रेस की रही, लेकिन अभी तक प्रिंटिंग प्रेस पर क्या कार्रवाई करनी है? इस पर फैसला नहीं हो सका है। प्रशासन ने डीन आफ स्टडी की अध्यक्षता में परीक्षाओं के दौरान सामने आने वाली सभी गलतियों पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमेटी का गठन किया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही प्रशासन की ओर से आगामी फैसला लिया जाना है।
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएस चौहान ने माना कि आठ प्रश्नों वाला प्रश्नपत्र बंटा था, लेकिन इसकी सूचना मिलते ही आधे घंटे में सुधार लिया। छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी।
